Friday, February 23, 2018
suneetadhariwal.com
कानाबाती -कानाबाती- कुर्रर्ररररर

मां मत छोड़ना मुझे-

मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है
वो मुझे घूर रहा है
उसकी आखें एकदम लाल हैं
वह बस मुझे ही देख रहा है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

वह बार बार ईधर उधर देख रहा है
फिर फिर से मुझे ही देख रहा है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

मां मां वो इधर ही आ रहा है
बहुत तेज तेज चल रहा है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

मां वो मेरे सामने है
मेरे छोटे भैय्या काकू की तरह एकदम नंगू पंगू है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

पर वह बहुत गन्दा दिखता है
मेरी फ्राक खीन्च रहा है
मुझे चाकलेट दे रहा है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

वह जोर जोर से सांस ले रहा है
मेरे चेहरे पर सिर पर हाथ फेर रहा है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

वो जोर जोर कान्प रहा है हंस रहा है
मुझको गोद मे बिठा रहा है
मेरी आंखें बन्द कर रहा है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

मुझे नयी फ्राक पहनाने के लिऐ
पुरानी फ्राक उसने ले ली है
और मेरी चडडी भी
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

मां मुझे कुछ दिखाई नही देता
मुझे बहुत दर्द हो रहा है
मेरा खून नकले ही जा रहा है
मैं अब कया सच में मर जाऊगीं
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

मुझे पापा से डर लगता है
चाचू से भी दादा से भी मामा से भी
सब से डर लगता है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है

कयूं छोड़ कर चली गई थी
आदमी के पास
हां मत छोड़ना कभी मुझे
किसी विश्वासपात्र के पासऔर किसी के भरोसे
मुझे अब आदमी से बहुत डर लगता है
मां तुम कहां हो मां-मुझे बहुत डर लग रह है