Saturday, November 18, 2017
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Monthly Archives: September 2013

चीका मंडी मे शिल्प कला प्रदर्शनी आयोजित

विषय….. चीका मंडी मे शिल्प कला प्रदर्शनी आयोजित दिनाक 7 सिंतबर 2013 को हरियाणा कला परिषद के सौजन्य से साई जन कल्याण ट्रस्ट चीका मंडी द्वारा स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला में कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। 30 सिंतबर से 6 सितंबर तक कला परिषद के तत्वाधान मे आयोजित शिल्प कला कार्यशाला मे 160 छात्राओं ने लुगदी यानि पेपर मैशे की ... Read More »

मेरा पुरस्कार

मेरा पुरस्कार ईश्वर ने मुझे इन्सान बना कर इस खूबसुरत धरा पर भेजा यही मेरा पहला पुरस्कार है तमाम उम्र अब तक कितना स्नेह बटोरा है .यह अगला पुरस्कार है परिवार में सम्मान पाया मेरे हर निर्णय को मान्यता मिली।यह उससे अगला पुरस्कार है। मेरे बच्चे मेरा परिवार मेरा समाज मेरे प्रति गर्व की भावना रखता है। यह मेरी कर्मशीलता ... Read More »

टिकट

टिकट नंदिनी कानपुर शहर की शालीन प्रतिभाशाली समाज सेवी महिला थी। जिसे पूरे प्रदेशभर में कानपुर की नंदिनी बहन के नाम से लोग पहचानते थे। वह अक्सर सामाजिक आयोजनों में अपने व्याख्यान देने हेतू जाती रहती थी। ऐसे ही एक दिन पास के छोटे से कस्बे के महिला महाविघालय में नंदिनी “महिलाओं के समक्ष राजनैतिक चुनौतियां ” विषय पर अपना ... Read More »

श्रीमती डाउन टू अर्थ मौसी की आपबीती कथा

(भाग -2 -दिनांक 14 सितम्बर 2013,स्थान -कुरूक्षेत्र ,हरि) आज मौसी मन्नै नयूं आपबीती सुणावै थी- ए बेटी के बताऊं मेरे गैल के बणी काहल आपणी बड़ी बेबे के छोरे के ब्याह मैं गई थी अर घोड़ी का बखत था,डीजयां बाजा बाजै था ,कोई भी कोनी नाचै था, मैं सोची अक तौंए सरू कर दे, तेरे देखा देखी और भी नाचण ... Read More »

श्रीमती डाउन टू

श्रीमती डाउन टू अर्थ मौसी की आपबीती मेरा साप्ताहिक सहज हास्य फुहार कालम है डाउन टू अर्थ मौसी सम्बोधन हमारे परिवार में परिवार में कुछ यूं प्रचलित हुआ -अकसर हम आपसी बातचीत में कि फलां व्यक्ति फलां महिला ,फलां रिश्तेदार बड़ा डाउन टू अर्थ है उपयोग करते रहते हैं। मेरी बिटिया इस शब्द से वाकिफ थी एक दिन हम किसी ... Read More »

प्रिय सुमन मन्जरी जी

आपकी सुझाई गई पुस्तक फाईटर की डायरी पढ़ी। बहुत अच्छा लगा .संवेदनशील पुलिस बनाने के आपके प्रयासों को जानकर भी खुशी मिली। पुस्तक के रूप मे महिलाओं की अभिव्यक्ति को सामने लाने के लिए आप व आपका संस्थान सब बधाई के पात्र है। इस कार्य के लिए माननीय पुष्पा मैत्रीय जी का चुनाव भी प्रंशसनीय है उनकी कलम महिलाओं के ... Read More »

सुनिए जरा

लेख- सुनिए जरा -महिला सशक्तिकरण की पदचाप सुनाई दे रही है। आज वर्तमान अन्तराष्ट्रीय परिपेक्ष्य में किसी भी देश की महिलाओं का सशक्त होना ही देश का सशक्त होना है। यह विचार आज सामयिक व सार्वभौमिक है जिसका सभी राष्ट्र चिन्तन कर उपाय भी करने को प्रयासरत है। भारत जैसे विकासशील देश में तस्वीर तेजी से बदलती हई दिखाई देती ... Read More »

तुम्हारी हंसी

संदर्भ – आजकल महिलाएं सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कार्य रही हैं। अनेक अवसरों पर हम उन्हें पुरुषों के साथ कदमताल मिलाते हुए देखते हैं। अक्सर किसी पुरुष के साथ चाहे व अधीनस्थ हो चाहे, चाहे सहकर्मी हो, कोई महिला अधिक दिखाई दे तो लोग उन्हें देखकर उपहास करते है व व्यंगपूर्ण असामाजिक टिप्पणी करते है। पुरुष को महिला ... Read More »

बसंत में झड़ी पत्ती

शीषक – बसंत में झड़ी पत्ती अक्सर पते पत्तीयां पतझड़ में झड़ जाया करते हैं पेड़ को भी पता है कि झड़ना पतों की नियति है पुराने झड़ जाएंगे तभी नए आएंगे। पर मैं तो भरी बहार में बसंत में पेड़ से गिरी पती हूं जिसमें बहार की नभी अभी बाकी है। इसलिए सूख भी न पाई हूं और न ... Read More »

उडारी

बहुत हो लिया ऐ- री ऐ- री मन्नै मेरे नाम तै जाण लियो मैं उड्डने नै पंख फैला रहयी मन्नै मार उडारी जाण दियो मैं हिमालय पर झण्डा ला रहयी मेरे जज्बे नैं सलाम करियो मैं अंतरिक्ष ने माप बगा रहयी मन्नै मेरी मेहनत का मान दियो मैं बालीवुड मैं डूण्डे ठाह रहयी मेरे साहस पै ताडी मार दियो मैं ... Read More »